Saturday, 27 July 2019

केंद्र सरकार ने गुम मोबाइल के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, इस पर अब आप फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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केंद्र सरकार ने गुम मोबाइल के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, इस पर अब आप फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. मोबाइल चोरी होने पर शिकायत करने की प्रक्रिया को सरकार आसान बनाने जा रही है. सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी देते ही आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी. इससे आपको मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराने के लिए आपको इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा.

दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-डॉट या C-DOT ) ने चोरी या गुम मोबाइल का पता लगाने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर यानी CEIR) भी तैयार कर लिया है. इससे चोर के हाथ में मोबाइल जाने पर उसे बंद किया जा सकेगा.

दरअसल मोबाइल गुम होने या चोरी होने की घटनाएं बढ़ रही हैं. पुलिस में शिकायत करने पर भी जल्द राहत नहीं मिलती. कुछ दिनों के इंतजार के बाद अक्सर लोग मायूस हो जाते हैं.अगर आपने भी ऐसी स्थितियों का सामना किया है तो अब आपकी मुश्किल आसान हो सकती है. केंद्र सरकार ने मोबाइल चोरी होने पर शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 14422 जारी किया है, इस पर अब आप फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आप मोबाइल वापस भी पा सकते हैं. इस हेल्पलाइन नंबर के जारी होने से देश में लोगों को अब शिकायत दर्ज कराने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. हेल्पलाइन नंबर 14422 पर डायल करने या संदेश भेजने पर शिकायत दर्ज हो जाएगी. इसके साथ ही पुलिस व सेवा प्रदाता कंपनी मोबाइल की खोज में जुट जाएगी.
केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय ने मई में महाराष्ट्र सर्किल से इस सेवा की शुरुआत कर दी है. देश के 21 अन्य दूरसंचार सर्किल में कई चरणों में इसे दिसंबर तक लागू कर दिया गया है.

दूरसंचार प्रौद्योगिकी केंद्र (सी-डॉट या C-DOT) ने चोरी या गुम मोबाइल का पता लगाने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर यानी CEIR) तैयार कर लिया है. सीईआईआर में देश के हर नागरिक के मोबाइल का मॉडल, सिम नंबर और IMEI नंबर मौजूद है.

मोबाइल के मॉडल पर उसे बनाने वाली कंपनी द्वारा जारी IMEI नंबर के मिलान की तकनीक सी-डॉट ने ही विकसित की है. इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से राज्यों की पुलिस को सौंपा जा चुका है. मोबाइल के खोने या चोरी होने की शिकायत दर्ज होते ही पुलिस और टेलीकॉम सेवा देने वाली कंपनी मोबाइल के मॉडल और आईएमईआई (IMEI) नंबर का मिलान करेंगी. अगर आपके चोरी किये गए मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदला जा चुका होगा, तो सेवा देने वाली कंपनी उसे बंद कर देंगी. हालांकि सेवा बंद होने पर भी पुलिस मोबाइल फोन को ट्रैक कर सकेगी.

Saturday, 13 July 2019

1 साल में 842% तक रिटर्न देने वाले शेयर, 1 लाख के बना दिए 9.5 लाख

1 साल में 842% तक रिटर्न देने वाले शेयर, 1 लाख के बना दिए 9.5 लाख

Crorepati Stocks, billionaire stocks, अमीर बनाने वाले स्टॉक, करोड़पति स्टॉक, stock market return, 1 year return in stocks, invest in stocks, invest and returnये हैं 1 साल में अमीर बनाने वाले स्टॉक
Crorepati Stocks: अगर आप कहीं पैसे निवेश करें और 1 साल में ही आपका पैसा 9 गुना बढ़ जाए तो यह आपके लिए किनी बड़ी डील होगी. क्या ऐसा कहीं हो सकता है. जी हां ऐसा शेयर बाजार में संभव हुआ है. पिछले एक साल की बात करें तो शेयर बाजार में कई ऐसे स्टॉक हैं, जिन्होंने निवेशकों को मालामाल कर दिया है. 12 महीनों में यहां निवेशकों का पैसा 842 फीसदी या करीब 9 गुना ज्यादा हो गया. यानी जिन्होंने सिर्फ 1 लाख रुपये निवेश किया होगा, उसका पैसा बढ़कर करीब 9.4 लाख रुपये हो गया. जानते हैं कहां मिला इतना रिटर्न…..

रेफेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड
10 जुलाई 2018 को शेयर का भाव: 12.88 रुपये
11 जुलाई 2019 को शेयर का भाव: 121.35 रुपये

रिटर्न: 842 फीसदी या करीब 9 गुना
इस लिहाज से 1 लाख रुपये का निवेश यहां 9.4 लाख रुपये बन गया.

कंपनी के बारे में: रेफेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेफ्रिजरेटर गैस मैन्युफैक्चरर और रीफिलर स्पेशलिस्ट है. कंपनी सोलर एसेसरीज और इलेक्ट्रिकल एनर्जी की भी बिक्री करती है.

कोस्टल कॉरपोरेशन लिमिटेड
10 जुलाई 2018 को शेयर का भाव: 57.55 रुपये
11 जुलाई 2019 को शेयर का भाव: 238.70 रुपये

रिटर्न: 315 फीसदी या करीब 4 गुना
इस लिहाज से 1 लाख रुपये का निवेश यहां 4.14 लाख रुपये बन गया.

कंपनी के बारे में: कोस्टल कॉरपोरेशन लिमिटेड इंडिया बेस्ड सी फूड प्रॉसेसिंग कंपनी है. कंपनी एक्वाकल्चर सीफूड प्रोडक्ट के प्रोडयूसर के साथ ही एक्सपोर्टर भी है.

अडानी पावर
10 जुलाई 2018 को शेयर का भाव: 17.35 रुपये
11 जुलाई 2019 को शेयर का भाव: 62.85 रुपये

रिटर्न: 262 फीसदी या करीब 3.6 गुना
इस लिहाज से 1 लाख रुपये का निवेश यहां 3.6 लाख रुपये बन गया.

कंपनी के बारे में: अडानी ग्रुप की अडानी पावर लिमिटेड निजी क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी थर्मल पावर बनाने वाली कंपनी है. कंपनी का मुंद्रा पावर प्लांट दुनिया का पहला कोल पावर प्लांट है. कंपनी की कैपेसिटी 10440 MW है.

स्पोर्टकिंग इंडिया
10 जुलाई 2018 को शेयर का भाव: 145 रुपये
11 जुलाई 2019 को शेयर का भाव: 377 रुपये

रिटर्न: 160 फीसदी या करीब 2.6 गुना
इस लिहाज से 1 लाख रुपये का निवेश यहां 2.6 लाख रुपये बन गया.

कंपनी के बारे में: स्पोर्टकिंग इंडिया टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बड़ा नाम है. कंपनी के पूरे इंडिया में मल्टीपल रिटेल आउटलेट हैं.

(नोट: यहां बीएसई पर स्टॉक के प्रदर्शन के आधार पर जानकारी दी है. यह निवेश की सलाह नहीं है. निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें.)

पैसे की तरह नहीं हो सकती क्रिप्टोकरेंसी: ट्रम्प क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा नहीं क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा नहीं

पैसे की तरह नहीं हो सकती क्रिप्टोकरेंसी: ट्रम्प

क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा नहीं क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें क्रिप्टो करेंसी पर भरोसा नहीं है और इसकी तुलना मुद्रा से नहीं की जा सकती. जो लोग क्रिप्टो करेंसी की ट्रेडिंग करते हैं उनके लिए भी ट्रम्प ने सलाह दी है कि उन्हें बैंकिंग नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है.

पलक झपकते ही बदलती है वैल्यू पलक झपकते ही बदलती है वैल्यू

ट्रम्प ने ट्वीट किया, "ना तो मैं बिटकॉइन का फैन हूं न ही किसी अन्य क्रिप्टो करेंसी का. यह पैसा नहीं है. हवा के रुख से भी इसकी वैल्यू में बदलाव होने लगता है, यह किसी फिजिकल मुद्रा की तुलना में भारी उतार-चढ़ाव देख सकता है." इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होने की वजह से क्रिप्टो करेंसी को ट्रैक नहीं किया जा सकता और इस वजह से इसका उपयोग अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है.

मूवर्स एंड शेकर्स मूवर्स एंड शेकर्स

साल 2009 में जब यह करेंसी चलन में आई थी तब एक बिटकॉइन की कीमत करीब 36 पैसे के बराबर थी. आज एक बिटकॉइन की कीमत 4000 डॉलर के पार यानी करीब 2.70 लाख रुपये पर पहुंच गई है. 200 करोड़ यूजर वाले फेसबुक ने साल 2020 में अपनी क्रिप्टो करेंसी लिब्रा लांच करने की घोषणा की है. इसके बाद दुनिया भर के बैंकिंग नियामक की पेशानी पर बल पड़ने लगे हैं.

हमारे पास है सिर्फ एक मुद्रा हमारे पास है सिर्फ एक मुद्रा

ट्रम्प ने कहा है कि कोई भी क्रिप्टो करेंसी किसी देश की मुद्रा पर असर नहीं डाल सकती. उन्होंने फेसबुक और अन्य कंपनियों को चेतावनी दी है कि क्रिप्टो करेंसी लांच करने के बाद उन्हें अमेरिकी या अन्तर्राष्ट्रीय बैंकिंग नियमन का पालन करना पड़ेगा.

जोखिम का आंकलन जोखिम का आंकलन

जी 7 देशों का एक वर्किंग ग्रुप अगले हफ्ते तक क्रिप्टो करेंसी पर एक प्राथमिक रिपोर्ट सौंप देगा. यह रिपोर्ट फ़्रांस में वित्त मंत्रियों की मीटिंग में दी जाएगी. फ्रेंच सेंट्रल बैंक के प्रमुख फ़्रैन्कोइस ने कहा, "जैसे-जैसे हम इसकी विस्तृत जांच की तरफ बढ़ रहे हैं, बहुत से सवाल सामने आ रहे हैं. इन सवालों का जवाब ढूंढा जाना अभी बाकी है. "

सावधानी से परखने की जरूरत सावधानी से परखने की जरूरत

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व भी इसकी पड़ताल में लगा है. वास्तव में फेसबुक की बड़ी पहुंच की वजह से इसकी क्रिप्टो करेंसी लिब्रा ने सबके होश उड़ा दिए हैं. जेरोम पॉवेल ने कहा, "हमें बहुत सावधानी और गंभीरता से इस बार पर विचार करने की जरूरत है कि इसके खतरे क्या हो सकते हैं."

लिब्रा से चिढ़ने वाले भी कम नहीं लिब्रा से चिढ़ने वाले भी कम नहीं

कई अमेरिकी राजनेताओं ने फेसबुक के लिब्रा प्रोजेक्ट पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है.लिब्रा पूरी तरह से न तो बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी होगी और न ही मौजूदा बैंकों की तरह काम करेगी. शुरुआत में यह इन दोनों का मिला-जुला रूप होगा. फेसबुक का दावा है कि इसे कारोबार जगत से लेकर आम आदमी आसान और सुरक्षित तरीके से पैसे का लेनदेन कर सकता है.

Tuesday, 27 November 2018

एक SMS से भी आसानी से हैक किया जा सकता है आपका स्मार्टफोन, ऐसे रहें सावधान

एक SMS से भी आसानी से हैक किया जा सकता है आपका स्मार्टफोन, ऐसे रहें सावधान

आज के समय में हर एक व्यक्ति एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करते है, इसके साथ ही कई हैकर्स ऐसी तकनीक निकाली से जिससे आसानी से फोन्स को हैक किया जा सकता है। वहीं यूजर्स को भी सावधान रहना चाहिए, क्योंकि एक मैसेज की मदद से एंड्रॉयड स्मार्टफोन को हैक किया जा सकता है। आज हम आपको इस मैसेज की जानकारी देंगे, जिससे अगर आपके पास भी आपके पास मैसेज आए तो आप अपना फोन हैक होने से बचा पाएंगे। आइए जानते है इसके बारे में...

एक रिपोर्ट के अनुसार, 95 प्रतिशत स्मार्टफोन्स को एक मैसेज के जरिए हैक किया जा सकता है। उन स्मार्टफोन्स को हैक किया जा सकता है, जिनका वर्जन 2.2 या 5.1 है। इसके साथ ही गूगल ने अपना नया एंड्रोइड वर्जन 9.0 पाई पेश किया था। रिसर्च के अनुसार, 5.1 तक के एंड्रॉयड वर्जन में एक कमी है, जिसका लाभ उठाकर हैकर्स किसी भी फोन को हैक कर सकते है। इसकी खास बात यह है कि एंड्रॉयड 5.1 पर काम करने वाले टैबलेट को भी हैक किया जा सकता है। एंड्रॉयड फोन में एक सॉफ्टवेयर है, जिसका नाम #Stagefright है और इसी की मदद से मल्टीमीडिया फाइल को खोला जा सकता है। लेकिन इस सॉफ्टवेयर की मदद से एमएमएस यानि मल्टीमिडिया मैसेज से भी हैक किया जा सकता है। अगर #हैकर्स के पास यूजर का नंबर है, तो एमएमएस भेजकर भी वह फोन को हैक कर सकता है। भुलकर भी किसी भी अंजान नंबर के एमएमएस को ओपन नहीं करना चाहिए, वरना फोन हैक हो सकता है।

एंड्रॉयड ओरियो 8.1 या 8.0 को हैक नहीं किया जा सकता है। अगर यूजर्स 5.1 वर्जन के एंड्रोइड इस्तेमाल करते है, तो उनका फोन हैक किया जा सकता है।

Friday, 7 September 2018

Mutual Fund में निवेश करने के फायदे और नुकसान

Mutual Fund में निवेश करने के फायदे और नुकसान | Mutual Fund Guide in Hindi

निवेशको के सामने इस समय यह प्रश्न है कि वे अपना धन कहा लगाये ताकि वह बढ़े | Real Estate में कोई दम बचा नही है तो Share Market उतार-चढाव से भरे हुए है | बुरे समय का साथी Gold इस समय उन ऊँचाइयों पर जा पहूचा है जहां से उसके गिरने की ही आशंका है | Fixed Deposit की दरे भी आकर्षक नही रही है और Maturity के बाद उन पर Tax भी लगता है | ऐसे में बच जाता है Mutual Fund , जिसका प्रचार जोर-शोर से हो रहा है | “Mutual Fund सही है ” यह Slogan इन दिनों हर जगह दिखाई दे रहा है |
ज्यादातर लोग यह सोचकर Mutual Fund में पैसे लगा देते है कि वाकई Fund Manager ऐसे शेयरों या Debt Fund में उनका पैसा लगा रहे होंगे जिनसे उन्हें खूब फायदा होगा | Mutual Fund SIP से खातो से पुरे देश में लगभग 2.29 लाख करोड़ रूपये लगाये जा चुके है | अकेले जून महीने में 7554 करोड़ रूपये जमा हुए है | यह राशि बताती है कि Mutual Fund में निवेश कितने बड़े पैमाने पर हो रहा है | भले ही निवेश के इस माध्यम की लोकप्रियता आसमान छु रही हो , लेकिन इस सच को भी नजरअंदाज नही किया जा सकता है कि इसमें भी तमाम किस्म के जोखिम है और कई फंड घाटे में जा चुके है |
दरअसल भारत में निवेश का स्वरूप ही कुछ ऐसा है कि जब लोग निवेश करते है तो एक ही सेक्टर में लगातार करते चले जाते है | धुआधार विज्ञापनों और निवेश के सिमित साधनों के कारण निवेशको को निवेश का यह जरिया फायदे का सौदा लगने लगा | कमीशन के चलते निवेश सलाहकार भी लोगो को Mutual Fund में निवेश के लिए प्रेरित करने लगे और Mutual Fund Industry का दायरा बढ़ता गया |
अब आंकड़े कुछ ओर बता रहे है | एक रिसर्च के मुताबिक़ कई Mutual Fund घाटे में तो चले ही गये है और कई IPO बचाने के फेर में पडकर अपना पैसा गँवा बैठे है | बिगड़े हुए हालात में ऐसे fund मेनेजरो की निवेशको को ललचाने की कोशिशो के कारण बाजार नियामक SEBI को भी कड़े कदम उठाने को बाध्य होना पड़ा | Mutual Fund कम्पनियों ने ग्राहकों को ललचाने या यो कह कि भ्रमित करने के लिए कई फंड पेश कर दिया | इससे बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी |
पिछले दिनों एक गैर सरकारी बैंक की सहायक कम्पनी के IPO को मझधार से निकालने के लिए जिस तरह पचास से अधिक Mutual Fund का पैसा उसमे लगाया गया और IPO की कमजोर लिस्टिंग पर शेयर के घाटे में जाने के बाद Mutual Fund House उसे बेचकर निकले , निवेशको को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा |
एक ओर Mutual Fund कम्पनियों का दावा है कि वे सोच-समझकर ग्राहकों के पैसे का निवेश करती है और दुसरी ओर यह सच है कि वे अपनी जरुरतो और व्यापारिक संबधो के लिए भी निवेश करते है | फंड हाउस निवेश के समय तो सब्जबाग़ तो दिखाते है लेकिन घाटा होने या वांछित लाभ न होने पर उनका जोर इस जानकारी पर होता है कि Mutual Fund में निवेश जोखिमो से भरा है | ऐसा उनके विज्ञापनों में भी बताया जाता है |
अगर Mutual Fund कम्पनियों के दावे सच होते है तो बड़ी तादाद में फंड घाटे में नही चले जाते | असलियत यही है कि फंड मेनेजर भी गलत समय में गलत शेयरों को खरीदते है और बेचते है | इतना ही नही कई बार उनके फैसले किसी अन्य वित्तीय संस्था को बचाने की खातिर लिए गये होते है जिसमे घाटे की पुरी गुंजाइश होती है | शेयर बाजार के उतार-चढाव को एकदम सही जान पाना किसी भी फंड मेनेजर के बस की बात नही है | शायद इसे ही ध्यान में रखते हुए फंड मेनेजरो ने शेयर बाजारों के सूचकांको से आगे निकल जाने के दावो के साथ फंड जारी किये है लेकिन ये फंड तो ओर भी जोखिम भरे है क्योंकि इनका ज्यादातर पैसा Small Caps यानि छोटी कम्पनियों के शेयरों में लगता है | ये शेयर जितनी तेजी से दोगुने होते है उससे ज्यादा तेजी से आधे चौथाई भी |
Balanced Fund के बारे में कहा जाता है कि ये डेट फंड और शेयरो का मिश्रण है शेयर और डेट एक साथ उपर-नीचे नही होते है और एक संतुलन बना रहता है | लेकिन पिछले दिनों देखा गया कि जब बाजार चढ़ रहा था तो डेट मार्केट भी चढ़ रहा था | ऐसे में Balanced Fund की avdhaar को ही धक्का लगता है | दुसरी बात , कितना पैसा शेयरों में लगाया जायगा और कितना डेट में , यह फंड मेनेजर पर निर्भर करता है | हालांकि कुछ फंड में इसका खुलासा किया जाता है | यहाँ पर यह जानना जरुरी है कि जिस फंड में जितना ज्यादा शेयरों का अनुपात होगा , उसमे जोखिम उतना ही ज्यादा होगा |
अक्सर निवेशको को बताया जाता है कि जितनी लम्बी निवेश की अवधि , उतना ही अधिक लाभ | लेकिन इसकी गारंटी नही है क्योंकि Mutual Fund में मुनाफा आखिरकार शेयर बाजार के उतार-चढाव पर ही निर्भर करता है | Mutual Fund सही है या नही इसका फैसला हर निवेशक कर सकता है हो फंड मेनेजर के निवेश का रुख और फंड के ट्रैक रिकॉर्ड के साथ न केवल जोखिम उठाने की अपनी क्षमता को जान लेता है कि बाजार है तो अनिश्चिता है और अनिश्चिता है तो जोखिम है |