Showing posts with label Story of Light. Show all posts
Showing posts with label Story of Light. Show all posts

Tuesday, 31 January 2017

खगोलविज्ञान : सीमित प्रकाशगति और उसका प्रभाव

प्रकाश गति की सीमा है, वह 299 793 किमी/सेकंड की गति से यात्रा करता है। सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश आने मे लगभग 8 मिनट लगते है। इसका अर्थ है कि हम सूर्य की आठ मिनट पूरानी छवि देखते है। सूर्य चंद्रमा जैसे निकट के पिंड के लिये यह देरी मायने नही रखती लेकिन दूरस्थ पिंडो मे यह वर्ष.सदी या सहस्त्राब्दि भी हो सकती है।
चंद्रमा: 1 सेकंड
सूर्य: 8 मिनट
लुब्धक तारा (Sirius): 8 वर्ष
एण्ड्रोमीडा आकाशगंगा: 25 लाख वर्ष
खगोलिय दूरीयाँ विराट है, उन्हे किमी/मील मे नही मापा जा सकता। इसके लिये हम प्रकाशवर्ष जैसी इकाई का प्रयोग करते है। प्रकाश द्वारा एक वर्ष मे तय की जाने वाली दूरी प्रकाश वर्ष कहलाती है।
1 प्रकाश वर्ष = 9460730472581 किमी

इसका अर्थ ये हुआ हम एक तरह से भूत काल में झांक रहे हैं। अर्थात अगर हम 8 मिनट पुरानी रौशनी देख रहे हा सूर्य की तो भले ही ये कितनी भी छोटी क्यों न हो, हैं तो काल यात्रा ही। और उन सितारों का क्या जिन्हें हम रात में देखते हैं, न जाने कितने वर्षो पुराने तारे देख पाते है हम

गर हमें कोई दूसरी दुनिया से देख रहा होगा तो हमारा भूतकाल देख रहा होंगा, याने के हमारा आदिम काल या फिर डायनासॉरस का काल ?